अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक:
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संस्था के प्रमुख हैं । यह मंडल की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं जिसमे संस्था के लिए नीतिगत निदेश दिये जाते हैं और संस्थागत उद्देश्य तय किये जाते हैं ।
यह कारोबार को बढ़ाने, उपभोक्ताओं पर ध्यान देने, कॉपोरेट की छवि सुधारने, संस्थागत संवृद्धि तथा कंपनी को वित्तीय सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए नेतृत्व प्रदान करते
हैं । यह संस्था के निर्धारित चेनलों के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं संगठन की सेवाओं का नियंत्रण, निगरानी एवं समीक्षा करते हैं । यह संगठन में सेवा की गुणवत्ता तथा उपभोक्ता की संतुष्टि के लिए शीर्ष स्तर का मार्गदर्शन भी देते हैं तथा गुणवत्ता प्रयासों को हासिल करने के लिए अनिवार्य संसाधनों का आवंटन करते हैं ।
गुणवत्ता प्रणाली के लिए इन्होंने हडको के लिए गुणवत्ता नीति जारी की है जिसे संपूर्ण संस्था में क्रियान्वित किया गया है और अनिवार्य उद्देश्य प्रक्रियाएँ एवं प्लान तैयार किए गए हैं । यह शीर्ष स्तर के अन्य अधिकारियों के साथ गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस) का मूल्यांकन करते हैं तथा इसमें सतत सुधार के लिए दिशा निर्देश देते हैं ।
यह इन्हें प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुरूप नीतिगत निर्णयों को क्रियान्वित करने के लिए अपेक्षित अनिवार्य कार्रवाइयां करने हेतु पूर्णत प्राधिकृत हैं ।
निदेशक वित्त
निदेशक (वित्त) निदेशक मंडल का सदस्य होता है और अध्यक्ष एवं प्रंबंध निदेशक को रिपोर्ट करता है । सभी वित्तीय एवं लेखा क्रियाकलापों का प्रमुख होने के नाते यह सभी वित्तीय एवं लेखा क्रियाकलापों पर नीतिगत दिशानिर्देश देते हैं और संस्था की वित्तीय सुदृढ़ता के लिए प्रबंधन स्तर पर नियंत्रण सुनिश्च्िात करते हैं । इनके अंतर्गत निर्धारित चैनल के माध्यम से यह हडको की वित्तीय सुदृढ़ता तथा कार्यनिष्पादन की समीक्षा करते हैं और नियंत्रण रखते हैं ।
निदेशक वित्त निदेशक मंडल का सदस्य होता है और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को रिपोर्ट करता है । यह सभी प्रमुख वित्तीय मामलों पर अथवा कॉर्पोरेशन के लिए कार्य व्यापार की विसंगतियों के मामलों पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एवं निदेशक मंडल को परामर्श देते हैं । यह कॉर्पोरेशन के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों को पूरा करने के लिए संसाधन जुटाव भी करते हैं ।
इनसे वित्तीय एवं लेखा मामलों से संबंधित सुदृढ़ नीतियाँ बनाने के लिए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा निदेशक महोदय को सलाह देने तथा संबंधित दिशा निर्देश देने, समन्वय करने और प्रबंधन की अपेक्षा की जाती है, ताकि वित्त का कुशल एवं बेहतर निवेश तथा इस्तेमाल किया जा सके
।
वित्त का क्रियात्मक नियंत्रण, समन्वय तथा निगरानी का कार्य और परियोजनाओं की लेखा गणना एवं फाइल कार्य भी निगम में इनके पास होता है ।
यह वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वित्तीय संसाधनों के जुटाव, निवेश निर्णय, परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर सुदृढ़ वित्तीय नीतियाँ बनाने के लिए दिशानिर्देश (भारत सरकार के निदेशों के अनुरूप) देते हैं तथा मूल्यांकन, ऋण संवितरण, ऋण लेखा गणना, वापसी अदायगी एवं वसूली, चूक समाधान तथा आंतरिक लेखा परीक्षा का कार्य करते हैं । यह सभी संबंधित वित्तीय मामलों पर हडको की ओर से अनुपालन किए जाने वाले सभी सांविधिक एवं विनियामक दायित्वों को पूरा करना भी
सुनिश्चित करते हैं ।
शीर्ष प्रंबंधन का अंग होने के नाते यह गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा करते हैं तथा इसमें सुधार के लिए दिशा निर्देश देते हैं । यह इन्हें प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुरूप वित्तीय नीतियों का क्रियान्वयन करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु प्राधिकार का इस्तेमाल भी करते हैं ।
निदेशक कॉर्पोरेट प्लानिंग
यह कॉर्पोरेट प्लानिंग के कार्य में समन्वय करते हैं । यह कारोबार प्लान तैयार करने, दीर्घावधि कार्य नीति बनाने, विविध प्रकार की आयोजना करने के साथ-साथ निगम के उद्देश्य, वीजन, प्लानिंग एवं कारोबार प्लान के लिए उत्तरदायी हैं । यह कॉर्पोरेट प्लान को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकार का इस्तेमाल करते हैं ।
निदेशक कॉर्पोरेट प्लान निदेशक मंडल का सदस्य होता है तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को रिपोर्ट करता है । इनसे हडको के उद्देश्यों एवं भारत सरकार के नीतिगत निदेशों, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों एवं अनौपचारिक बसावों में विशेष रूप से आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग एवं कम आय वर्गों की सांस्थानिक एवं को-ऑपरेटिव उधार जरुरतों को पूरा करने? के लिए आवास वित्त माहौल को ध्यान में रखते हुए, भूमि आवश्यकता, भवन सामग्री, प्रौद्योगिकी एवं वितरण प्रणाली जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, शहरी विकास एवं शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर विषयों को ध्यान में रखते हुए तथा अन्य आवास वित्त संस्थानों की नीतियों एवं कार्यक्रमों के प्रभाव एवं आर्थिक तथा वित्तीय व्यावहारिकता पर विचार करते हुए निरंतर आधार पर हडको के दीर्घावधि प्लान को देखने एवं उस पर ध्यान दिलाने की अपेक्षा की जाती है ।
कार्यकारी निदेशक (प्रचालन)
यह परियोजना वित्तपोषण प्रचालन के पूर्ण प्रभारी होते हैं और प्रचालन से जुड़े विषयों के लिए लक्ष्यों को पूरा करने हेतु उत्तरदायी होते हैं । यह प्रचालनों के लिए नीतियाँ बनाने एवं उनके अनुपालन के लिए अन्य विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों से समन्वय करते हैं ।
यह प्रचालन संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर प्रचालन परिपत्र जारी करने तथा सक्षम प्राधिकारियों से अनुमोदन लेने में समन्वय करते हैं । यह डीओपी के अनुसार बड़ी परियोजनाओं का मूल्यांकन के लिए तथा मुख्यालय के स्तर पर मिशन टीम का गठन करने के लिए भी उत्तरदायी होते हैं । यह बोर्ड स्तर सहित उच्च स्तरीय अनुमोदन लेने में तथा परियोजना मूल्यांकन समिति के साथ भी समन्वय करते हैं ।
कार्यकारी निदेशक (वित्त)
यह वित्त एवं लेखा क्रियाकलापों के लिए उत्तरदायी होते हैं । यह संबंधित कार्यों के लिए नीति बनाने एवं उसका क्रियान्वयन करने में समन्वय करते हैं । यह चूक मामलों का प्रबंधन एवं इनका समाधान करने, ऋण लेखा गणना, संसाधन जुटाव एवं फंड का निवेश करने के लिए भी उत्तरदायी होते हैं । यह तुलनपत्र तैयार करने तथा सांविधिक समन्वय करने, सीएजी एवं विनियामक लेखा गणना सहित सामान्य लेखा गणना के लिए भी उत्तरदायी हैं । यह सभी संबंधित वित्तीय मामलों पर हडको की ओर से सभी सांविधिक एवं विनियामक दायित्वों के अनुपालन के लिए भी समन्वय करते हैं ।
कार्यकारी निदेशक (आंतारिक लेखा परीक्षा)
यह लेखा परीक्षा समिति के दिशा निर्देशों के अनुरूप हडको में आंतरिक लेखा परीक्षा के कार्य को करने, उसके नियंत्रण तथा उसकी प्लानिंग करने के लिए उत्तरदायी हैं और इसकी समीक्षा एवं सुधारात्मक कार्रवाई के लिए इसकी रिपोर्टिंग उच्च प्रबंधन को करते हैं ।
कार्यकारी निदेशक (विधि)
यह ऐसे परियोजना वित्तपोषण के सभी संबंधित मामलों के लिए उत्तरदायी हैं जिनमें विधिक सहायता की आवश्यकता होती है । इनके कार्य क्षेत्र में उधार वसूली सहित विधिक नीतियाँ बनाना एवं उनका क्रियान्वयन करना, अनुमोदन के उपरांत प्रलेखन परिपत्र जारी करना, हडको के लिए अथवा हडको के खिलाफ सभी विधिक मामलों में समन्वय करना शामिल है । यह विधिक प्रलेखीकरण को बनाने, उसके अनुपालन एवं निगरानी का कार्य भी करते
हैं ।
कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन)
यह भर्ती एवं तैनाती, स्थानांतरण तथा पदोन्नति इत्यादि सहित मानव संसाधन की नीतियाँ बनाने एवं उनके क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी हैं । यह प्रशिक्षण जरुरतों की पहचान करने तथा इसकी कार्यकुशलता का मूल्यांकन करने सहित मौजूदा एवं
सुनिश्चित आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षमताओं का विकास एवं विस्तार करने के लिए भी जिम्मेदार है ।
यह प्रशासन से जुड़े सभी मामलों के लिए जिम्मेदार
हैं ।
कार्यकारी निदेशक (विशेष परियोजनाएँ)
यह निजी एवं सार्वजनिक एजेन्सियों के साथ संयुक्त उद्यम चलाने के लिए सभी प्रस्तावों को प्रक्रियाबद्ध करने के लिए जिम्मेदार हैं । इस प्रक्रिया में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना, संयुक्त उद्यम कंपनियों को बनाना, संयुक्त उद्यम के माध्यम से कार्यनिष्पादन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएँ चलाना, संयुक्त उद्यम कंपनियों एवं साझीदारों? की परियोजनाओं को ऋण स्वीकृत एवं जारी करना एवं उनकी निगरानी करना शामिल
है ।
कार्यकारी निदेशक (प्रबंध सेवाएँ)
यह कम्प्यूटरीकरण, प्रक्रिया के स्वचलन तथा प्रबंधन सूचना प्रणाली के लिए जिम्मेदार हैं । यह नेटवर्किंग सिस्टम को स्थापित करने एवं उसके रखरखाव में समन्वय करते हैं ।
कार्यकारी निदेशक (प्रशिक्षण)
एचएसएमआई का प्रमुख होने के नाते यह हडको के अनुसंधान एवं प्रशिक्षण कार्य में समन्वय करते हैं । यह हडको के आंतरिक संसाधनों में वृद्धि के लिए कारोबार सहयोगियों की क्षमता निर्माण पहलों में सुधार के लिए प्लानिंग बनाने एवं उसके क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी हैं ।
कार्यकारी निदेशक (भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी)
यह सस्ती भवन निर्माण सामग्रियों एवं प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए सभी कार्यो में समन्वय करते हैं तथा पात्र भवन निर्माण सामग्री उद्योगों को परियोजना वित्त भी उपलब्ध करवाते हैं ।
विभागाध्यक्ष
संबंधित क्षेत्रों के कार्यकारी प्रमुख होने के नाते सभी विभागाध्यक्ष, प्रभागों के कुशल कार्यनिष्पादन को
सुनिश्चित करने तथा कारोबार एवं अपने से संबंधित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए निर्धारित प्रणाली का अनुपालन करने के लिए अपने प्रभाग के कार्यनिष्पादन की समीक्षा, नियंत्रण एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी एवं प्राधिकृत हैं ।
वे आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्रीय कार्यालयों को जरुरी सहायता, नीतियों की व्याख्या एवं उन्हें दिशा निदेश देते हैं ।
क्षेत्रीय प्रमुख
क्षेत्रीय प्रमुख, क्षेत्रीय स्तर पर सम्पूर्ण कारोबार की प्लानिंग एवं प्रोन्नति, योजना मूल्यांकन, स्वीकृति, प्रलेखीकरण, संवितरण, परियोजना निगरानी, समय से वापसी अदायगी, ऋण की लेखा गणना, चूक मामलों की निगरानी तथा क्षेत्रीय कार्यालय की अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए बहु-विशेषज्ञ दल का नेतृत्व करने के साथ-साथ कारोबार सहयोगियों के साथ समन्वय, विद्यमान एवं संभावित एजेंसियों के साथ संपर्क, कारोबार माहौल की बारीकी से जांच एवं विशलेषण तथा कार्यालय के सम्पूर्ण प्रशासनिक कार्य को करते हैं ।
वे अपने कार्य क्षेत्र के अंतर्गत संबंधित राज्य (राज्यों) में सम्पूर्ण क्रियाकलाप के लिए हडको का प्रतिनिधित्व करते हैं।
क्षेत्रीय कार्यालय में परियोजना अधिकारी
ये निम्नलिखित कार्यो के लिए उत्तरदायी एवं प्राधिकृत हैं :-
- कारोबार विकास में सहायता ।
- परियोजना बनाने में सहायता ।
- परियोजना को लाभकारी बनाने के लिए तकनीकी विशेषताएं उपलब्ध कराना ।
- परियोजना का तकनीकी मूल्यांकन जिसमें टीम के नामित सदस्य के रूप में परियोजना स्वीकृति से पहले परियोजना स्थल का निरीक्षण तथा परियोजना को मंजूरी देना/नामंजूर करना ।
- स्वीकृति शता (तकनीकी) का अनुपालन
सुनिश्चित करना ।
- किस्तों को जारी करने का कार्य प्रक्रियाबद्ध करना ।
- परियोजना की वास्तविक एवं वित्तीय प्रगति की निगरानी करना तथा परियोजना के क्रियान्वयन के कार्यक्रम को पुन बनाना ।
- परियोजना स्थल का निरीक्षण ।
- परियोजना की पूर्णत
समाप्ति तथा प्रलेखीकरण ।
- समय-समय पर सौंपी गयी कोई अन्य गतिविधि ।
क्षेत्रीय कार्यालय में वित्त अधिकारी
ये निम्नलिखित कार्यों के लिए उत्तरदायी एवं प्राधिकृत है :-
- टीम के नामित सदस्य के रूप में आवेदन पत्रों का वित्तीय मूल्यांकन तथा आवेदन को मंजूरी देना/नामंजूर करना ।
- स्वीकृति शता (वित्तीय) का अनुपालन
सुनिश्चित करना ।
- किस्तों को जारी करने का कार्य प्रक्रियाबद्ध करना ।
- ऋण लेखा गणना ।
- वापसी अदायगी (मांग, प्राप्तियां, चूक निगरानी तथा मिलान) ।
- ऋण लेखा का संबंधित एजेंसी के साथ मिलान ।
- एनपीए, चूक, देयताओं तथा अवमुक्तियों तथा वापसी अदायगियों के आंकड़ों की निगरानी ।
- ऋणों का पुननिर्धारण ।
- एस्क्रो खाता की निगरानी ।
- वापसी अदायगी कार्यक्रम में संशोधन/आस्थगन तथा वापसी अदायगी ।
- एक बारगी समाधान (ओटीएस) सहित चूक मामलों का समाधान ।
- बे-बाकी प्रमाण पत्र जारी करना ।
- समय-समय पर सौंपा गया कोई अन्य कार्य ।
क्षेत्रीय कार्यालय में विधि अधिकारी
ये निम्नलिखित कार्यों के लिए उत्तरदायी एवं प्राधिकृत है :-
- टीम के नामित सदस्य के रूप में परियोजना का विधिक मूल्यांकन तथा परियोजना को विधिक मंजूरी देना/नामंजूर करना ।
- अनिवार्य स्वीकृति शता सहित स्वीकृति पत्र जारी करना ।
- विशेष मामलों पर विधिक मत लेने/दस्तावेजों की जांच के लिए उधार लेने वाले के सलाहकार को नियुक्त करना
- विधिक दस्तावेजों को अंतिम रूप देने एवं उसके निष्पादन के लिए अपेक्षित दस्तावेज प्राप्त करना एवं उनकी जांच करना।
- ऋण करारनामा निष्पादित करना ।
- प्रतिभूति सृजित/स्वीकृत करना ।
- दस्तावेजों को रिकार्ड करना तथा उन्हें सुरक्षित रखना ।
- विधिक पहलू से ऋण अवमुक्त करने के अनुरोध को प्रक्रियाबद्ध करना ।
- प्रतिभूति (आंशिक/सम्पूर्ण) को अवमुक्त करना ।
- चूक के मामले में विधिक कार्यवाहियां करना ।
- मुकद्दमे के मामलो को संभालना ।
- समय-समय पर सौंपा गया कोई अन्य कार्य करना ।
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