ग्राहक केन्द्रित
हडको एक संगठन के रुप में उधारकर्ता एजेंसियों की आश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही अन्तत लाभार्थियों और व्यापक रुप से समाज को लाभ पहुंचाने पर ध्यानाकर्षण के साथ सेवाएं विकसित करने और प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है । ग्राहकों की मौजूदा और भावी आवश्यकताओं को निर्धारित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक उत्पादों, तदनुसार प्रक्रियाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अन्य संसाधन सृजित किए जाएंगे और इन आवश्यकताओं की निरन्तर पूर्ति के लिए जागरूकता, सरोकार और प्रणालियाँ विकसित की जाएगी ।
यह सुनिश्चित किया जाए कि सुगम प्रचालनों, उनके निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति तथा उधारकर्ता एजेंसियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उचित स्तर पर प्रक्रियाओं का अनुवीक्षण, आकलन और विश्लेषण किया जाता है । हडको में निरन्तर सुधार करना महत्वपूर्ण हैं तथा इसे ग्राहकों को केन्द्र में रखकर संसाधनों, प्रक्रियाओं और प्रणालियों में सुधार के द्वारा प्राप्त किया जाएगा ।
हडको में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की रुपरेखा उपलब्ध करने हेतु प्रक्रियाएं बनाई गई हैं ।
उत्तरदायित्व एवं प्राधिकार
मुख्यालय और क्षेत्रीय स्वरुप के कार्यात्मक क्षेत्रों को मिलाकर हडको का कार्पोंरेट संगठनात्मक ढांचा
निश्चित किया गया है । हडको के मुख्य कार्यकारियों की जिम्मेदारियों और अधिकारों को दस्तावेजों में रिकार्ड किया गया है ।
आंतरिक सम्प्रेषण
संगठन में आंतरिक सम्प्रेषण विभिन्न रुपों में जैसे बैठकों, आंतरिक परिपत्रों, परस्पर सम्पर्क तथा परिचालन समीक्षा बैठकों, एमआईएस आदि के रुप में परामर्श और सूचना के आदान-प्रदान के विभिन्न रुपों में विद्यमान है।
दस्तावेजों का नियंत्रण
आंतरिक सभी दस्तावेजों की निर्दिष्ट प्राधिकारियों द्वारा जारी करने से पूर्व यथार्थता और पर्याप्तता की दृष्टि से समीक्षा की जाएगी जैसा कि सम्बन्धित प्रक्रिया में दिया गया है । सभी दस्तावेज पढ़े जाने योग्य तथा पहचान योग्य होंगे । अप्रचलित/गैर-प्रचालनात्मक दस्तावेज जारी होने या प्रयोग में आने के सभी स्तरों से शीघ्रता से हटा दिए जाएंगे ।
संसाधन प्रबंधन
संभावित कार्य की आवश्यकताओं, एमओयू लक्ष्यों, वार्षिक लक्ष्यों तथा विस्तार योजनाओं के म देनजर संसाधन योजना बनाई जाएगी । निष्पादित किए जाने वाले व्यवसाय, संवितरित किए जाने वाले वापसी भुगतानों/निधियों, परिणामत निधियों की आवश्यकताओं, जन शक्ति आवश्यकताओं, इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी आवश्यकताओं तथा उनके अधिग्रहण की प्रक्रिया के सम्बन्ध में प्रोजेक्शन/प्लान तैयार किए जाएंगे । संसाधन आवश्यकताओं के निर्धारण में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस) का प्रभावी क्रियान्वयन और रखरखाव तथा इसमें निरन्तर सुधार की आवश्यकता मूल आधार होगा । यह सुनिश्च्िात किया जाए कि नई-नई आवश्यकताओं के आधार पर समुचित संसाधनों का प्रबंध, उपलब्ध करना तथा सुधार करना निरन्तर जारी रहता है । संसाधन जुटाव विंग संसाधनों के जुटाव, निधियों की अवमुक्ति तथा प्रभावी नकदी प्रबंधन का ध्यान रखता है ताकि अप्रयुक्त निधियों की लागत को न्यूनतम किया जा सके ।
ग्राहक सम्पत्ति
हडको के पास इन दस्तावेजों के चोरी/सेंधमारी से समुचित रूप से सुरक्षित और अग्निरोधी भंडारण को
सुनिश्चित करने के लिए सुस्पष्ट प्रणाली है ।
गैर-अनुरुपता पर नियंत्रण
यदि कोई गैर-अनुरुपता पाई जाती है तो उसकी पहचान अनुवीक्षण, आंतरिक गुणवत्ता लेखा परीक्षा, रिकार्डों की जाँच-पड़ताल आदि के द्वारा की जाएगी । आवश्यक प्रक्रियाओं/सुधारों की सीमा और विस्तार को निर्धारित करने के लिए उनके दस्तावेज तैयार किए जाएंगे तथा मूल्यांकन किया जाएगा । क्षति की सीमा को सीमित करने के लिए उन्हें कॉर्पोंरेशन में संबंधित कार्मिकों को अधिसूचित किया जाएगा तथा जहाँ भी आवश्यक हो, गैर-अनुरुपता वाले दस्तावेजों के परिशोधन/प्रतिस्थापन सहित गैर-अनुरुपताओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी । जहाँ गैर-अनुरुपता गंभीर प्रकृति की है,उसे संबंधित क्षेत्रीय प्रमुख/विभागीय प्रभारी को समीक्षा के लिए रिपोर्ट किया जाएगा ।
निरन्तर सुधार
लागू की गई गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस) की प्रभावशीलता सहित परियोजना वित्तपोषण सेवाएं, अनुक्रियाशीलता, सम्म्लित विभिन्न प्रक्रियाओं की कार्यदक्षता एवं प्रभावशीलता की गुणवत्ता में निरन्तर सुधार के लिए पूरे संगठन में सतत सुधार के दर्शन को प्रसारित किया गया है । सुधार के अवसरों की विभिन्न उपायों जैसे गुणवत्ता नीति, गुणवत्ता उद्देश्य तथा एमओयू लक्ष्य, प्रबंधन समीक्षा, आंतरिक लेखा परीक्षा परिणाम, आंतरिक एवं बाहरी गुणवत्ता लेखा परीक्षा, व्यवसाय समीक्षा बैठकों, एमआईएस, डाटा विश्लेषण, बाजार विश्लेषण, परिशोधन एवं निवारक कार्रवाई, ग्राहक पृष्ठपोषण, बाजार विश्लेषण आदि की समीक्षा के द्वारा पहचान की जा सकती है । सतत् सुधार के मुद्दों की पहचान के आधार पर गुणवत्ता उद्देश्यों तथा उनकी लागू आयोजनाओं को संशोधित किया जाएगा ।
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