(क) अपरिपक्व आहरण की अनुमति डिपाजिट एवं निम्नानुसार चुकाए ब्याज के लिए
आवास वित कंपनीज (एनएचबी) निदेशन, 2001 की शर्त पर होगी
(i) |
न्यूनतम लाक इन अवधि |
तीन महीने |
(ii) |
तीन महीनों के बाद लेकिन छह महिनों से पूर्व |
कोई ब्याज नहीं |
(iii) |
छह महीनों के बाद लेकिन बारह महिनों की
समाप्ति से पूर्व |
यदि उस अवधि के लिए कोई दर विनिर्दिष्ट नहीं की गई है तो फिर वह न्यूनतम दर जिस पर कंपनी द्वारा पब्लिक डिपाजिट स्वीकार किए जाते हैं, से तीन प्रतिशत कम । |
(iv) |
बारह महीनों के बाद लेकिन परिपक्वता की तिथि से पूर्व |
देय योग्य ब्याज वह अवधि जिसके लिए डिपाजिट करवाया गया है, के लिए पब्लिक डिपाजिट हेतु लागू ब्याज दर से दो प्रतिशत कम होगा । |
(v) एकमात्र/प्रथम नाम जमाकर्ता को क्रेडिट के लिए सभी स्थायी डिपाजिट लेखों को एकत्रित खाते के रूप में उसी क्षमता में समझा जाएगा । इस संपूर्ण अवधि के लिए दलाली देय है एवं चुकता अधिक दलाली प्रबंधन द्वारा समय-समय पर तैयार नीति के अनुसार मूल राशि/दलाली से वसूल की जाएगी ।
(ख) बशर्ते कि जमाकर्ता की मृत्यु के मामले में, वापसी अदायगी की तिथि तक (लागू) संविदा दर पर ब्याज सहित विधिक उत्तरजीवी या जीवित खण्ड सहित संयुक्त धारक के मामले में जीवित जमाकर्ता को पूर्व परिपक्वता चुकाई जा सकती है ।
(ग) वह अवधि जिसके लिए डिपाजिट करवाया गया है, अवधि निर्धारण के प्रयोजन से इसमें उस वर्ष का कोई भी पार्ट समाहित है, यदि ऐसा पार्ट छह महीनों से कम है तो उसको समाहित नहीं किया जाएगा एवं यदि ऐसा पार्ट छह महीने या इससे अधिक है, तो इसको एक वर्ष के रूप में देखा जाएगा ।
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