सामुदायिक शौचालयों तथा सफाई कार्यक्रम का लक्षित क्रियान्वयन
हडको ने हाल ही में उपरोक्त योजना तैयार
की है जहाँ व्यस्त बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों,
संस्थानों, अस्पतालों, स्लम आदि में सामुदायिक शौचालय प्रस्तावित
किए जा सकते हैं । क्रियान्वयन एजेंसी कोई भी कार्पोरेट सेक्टर
एनजीओ, सीबीओ, स्थानीय सरकार, राज्य सरकार, संस्थान आदि हो सकते
हैं । एजेंसी द्वारा परियोजना में अपने अंश का निवेश करने के बाद
हडको कुल परियोजना लागत के 50% का अनुदान अथवा 20,000/-रूपये प्रति डब्ल्यूसी में जो भी कम होगा, प्रदान
करेगा ।
उत्कृष्ट बाँस निर्माण केन्द्र
बाँस आधारित निर्माण पद्धति को विकसित करने तथा इस आधुनिक
प्रौद्योगिकी के बारे में सीखने और इसके प्रभावी प्रचार-प्रसार
हेतु हडको ने आईआईटी कैम्पस में बाँस प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय
संसाधन सुविधा की स्थापना के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ एक एमओयू
पर हस्ताक्षर किए हैं । इसके अतिरिक्त बाँस की पैदावार वाले
राज्यों को शामिल करते हुए उत्कृष्टता के 20
बाँस निर्माण केन्द्रों की निकट भविष्य में दो चरणों में स्थापना
की जाएगी ।
सुनामी आपदा हेतु विशेष सूचना
हडको ने सुनामी प्रभावी क्षेत्रों में
आपदा पीड़ित लोगों के लिए 6.5%
तक की बहुत ही कम ब्याज दर
पर आर्थिक रुप से कमजोर वगा के लिए नए मकानों के निर्माण, मरम्मत
और रेट्रोफिटिंग हेतु विशेष ऋण योजना शुरू की है । यह दर
ईडब्ल्यूएस योजनाओं के लिए वर्तमान में लागू 7.5% के प्रति है, जो कि आर्थिक रुप
से कमजोर वगा की श्रेणी के लिए किसी भी उधार संस्थान द्वारा
प्रदान की गई न्यूनतम उधार दरों में एक है ।
जवाहर लाल नेहरु राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन
(जेएनएनयूआरएम)
भारत सरकार द्वारा
दिसम्बर, 2005
को जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन प्रारंभ किया गया
था । जिसका उद्देश्य वित्तीय रुप से सुदृढ़ तरीके से विद्यमान सेवा
स्तरों में सुधार लाने के लिए कदम उठाने हेतु नगरों को
प्रोत्साहित करने के लिए किया गया था । मिशन को समस्या को दूर
करने तथा नगरों के संतुलित एवं समान विकास और विकास हेतु पूर्ण
रुप से समर्थ मॉडल को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया
था ।
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