हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
ISO 9001: 2000 प्रमाणित कम्पनी

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सामान्य अनुदेश

यह डिपाजिट निम्नलिखित के द्वारा किया जा सकता है :-

निवासी/अनिवासी (अप्रत्यावर्तन आधार पर) व्यक्तियों, अभिभावकों के माध्यम से अव्यस्कों, अविभाजित हिन्दु परिवारों (एचयूएफ), ट्रस्टों, कोऑपरेटिव सोसायटियों, घरेलु कंपनियों द्वारा किया जा सकता है ।

कर लाभ

वित्तीय वर्ष में 5000/-रुपये तक की ब्याज आय पर स्त्रोत पर कोई कर कटौती नहीं ।

सामान्य

  1. सभी नये जमाकर्ता डिपाजिट करते समय समुचित परिचय देंगे, यह परिचय या तो विद्यमान जमाकर्ता या फिर निम्नलिखित अर्थात्‌ आयकर स्थायी खाता संख्या (PAN) मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट या राशनकार्ड में से किसी भी एक के आधार पर दिया जा सकता है ।
  2. ब्याज नजदीकी रुपये के नजदीक होगा अर्थात्‌ 50 पैसे को अनदेखा कर दिया जाएगा । ब्याज और जमा राशि का भुगतान प्रथम नाम जमाकर्ताओं के पक्ष में अधिसूचित बैंक की सभी ब्रांचों पर समुतल्य देय क्रास अकाउंट पेयी चेक द्वारा किया जाएगा ।
  3. डिपाजिट पर ब्याज को परिपक्वता की तिथि पर अधिग्रहण कर लिया जाएगा अर्थात्‌ यदि किसी डिपाजिट के परिपक्व होने की तिथि 15 अक्टूबर, 2001 है, तो उस डिपाजिट पर ब्याज 15 अक्टूबर, 2001 के बाद उपचित नहीं होगा । यदि फिक्स डिपाजिट के नवीकृत हो जाने तक वापसी अदायगी के लिए सुपुर्द नहीं कर दिया जाता है, तब तक समाप्त की तिथि पर विद्यमान शर्तों के अनुसार डिपाजिट को नवीकृत करवाने के केवल उसके बाद ब्याज उपचित किया जाएगा ।
  4. आयकर की कटौती आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194ए के अनुसार ब्याज से स्त्रोत पर की जाएगी । अर्थात यदि चालू वित्तीय वर्ष में चुकाए जाने योगय ब्याज कुल मिलाकर 5000/-रुपये से अधिक है, प्रत्येक वित्तीय वर्ष की 31 मार्च को प्रत्येक वर्ष उपचित करने के लिए संचयी विकल्प में ब्याज को समझा जाएगा एवं प्रत्येक वित्तीय वर्ष की 15 मार्च तक हडको को आयकर नियमावली (केवल वैयक्तिक जमाकर्ताओं के लिए) के अन्तर्गत यथा निर्धारित डुप्लीकेट में फार्म 15जी/15 एच में कर राशि की कटौती करने के बाद ब्याज की गणना की जाएगी । तथापि, अगले वित्तीय वर्ष के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष के 15 मार्च तक गैर संचयी विकल्प फार्म 15जी/15एच हडको में जमा करवाना चाहिए । ट्रस्ट के संबंधित निर्धारणकर्ता अधिकारी द्वारा जारी आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 197 के अन्तर्गत प्रमाणपत्र को प्रत्येक वित्तीय वर्ष के 15 मार्च तक प्रस्तुत कर दिया जाता है, यदि ट्रस्ट उपरोक्त अधिनियम के अन्तर्गत छूट प्राप्त है तो स्त्रोत पर कर की कटौती नहीं की जाएगी । जमाकर्ताओं के द्वारा केवल फार्म 15जी/15एच प्रस्तुत किया जाना चाहिए । 

अन्य विविध व्यवस्थाएँ

  1. वास्तविक/विधिक अभिभावक (कों) की मार्फत अव्यस्कों के डिपाजिट स्वीकार किए जाएंगे बशर्ते आवेदन पत्र पर उनकी ओर से उनके वास्तविक या विधिक अभिभावक के द्वारा हस्ताक्षर किए गए हों ।
  2. जहाँ किसी भी भुगतान की देय तिथि रविवार, बैंक अवकाश या या कोई अन्य दिन जिस दिन कार्यालयी अवकाश होता है, वहाँ बिना किसी अतिरिक्त ब्याज के अगले निम्नलिखित कार्य दिवस को भुगतान किया जा सकता है ।
  3. वह महिना, जिसमें डिपाजिट किया जाता है, के हिस्से का ब्याज रेग्यूलर प्लस के मामले में आगामी महिने में ब्याज सहित चुकाया जाएगा । रेग्यूलर प्लस योजना के लिए अर्ध वर्ष समाप्त 31 मार्च एवं 30 सितम्बर समझा जाएगा । वार्षिक विकल्प के लिए पहला वर्ष आगामी निम्नलिखित 31 मार्च को समाप्त समझा जाएगा । विभिन्न विकल्पों (तिमाही/छमाही/वार्षिक) के लिए ब्याज चेकों को अर्थात्‌ 1 अप्रैल से 31 मार्च प्रत्येक वर्ष यथा लागू कर की कटौती के पश्चात्‌ वित्तीय वर्ष आधार पर पहले ही भेज दिया जाएगा ।
  4. किन्हीं भी मामलों में उक्त डिपाजिट अवधि समाप्त से पूर्व एक योजना के अन्तर्गत स्वीकार किए गए डिपाजिटों में बदलाव/अंतरण नहीं किया जाएगा ।
  5. डिपाजिट की स्वीकृति की उपरोक्त शर्तें एवं निबंधन केन्द्रीय सरकार, भारतीय रिर्जव बैंक/नैशनल हाउसिंग बैंक या किसी भी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर तैयार नियमावली एवं निबंधनों की शर्त पर होंगे ।
  6. आयकर की कटौती के प्रयोजन से संचयी डिपाजिटों के मामले में, ब्याज को प्रत्येक वर्ष में उपचित करने के लिए समझा जाएगा एवं प्रत्येक  वितीय वर्ष मे उपचित ब्याज पर कर की कटौती की जाएगी ।
  7. अपने डिपाजिटों के मामले में कंपनी की किसी भी विसंगति के मामले में जमाकर्ता राहत पाने के लिए नैशनल कंजूमर्स डिस्प्यूट रेडरेसल फोरम, स्टेट लेवल कंजूमर डिस्प्यूट रेडरेसल फोरम या जिला स्तरीय कंजूमर विवाद निपटारा फोरम को पहुंच कर सकते हैं ।
  8. आवेदन प्रपत्र में दी गई प्रस्तुतियाँ एवं यथा प्रकटित कंपनी की वित्तीय स्थिति बिल्कुल सत्य एवं सही है एवं कंपनी तथा इसका निदेशक मंडल इसकी अशुद्धि एवं सत्यता के लिए उत्तरदायी है ।
  9. कंपनी की डिपाजिट स्वीकृति गतिविधियों का नियमन नैशनल हाउसिंग बैंक द्वारा किया जाता है । आवास वित्त कंपनी द्वारा डिपाजिट की वापसी अदायगी/देयताओं के डिस्चार्ज के लिए एवं कंपनी द्वारा अभिव्यक्त मतों या की गई प्रस्तुतियों या किन्हीं भी कथनों की अशुद्धि के लिए या कंपनी की वित्तीय सुदृढ़ता के लिए कोई भी जिम्मेदारी ली जाएगी ।